रविवार, 14 जून 2009

सूचना




ब्लॉग जगत के प्रिय साथियो !
मैं अपने ब्लॉग “सार्थक सृजन” के माध्यम से आपके सम्मुख उपस्थित हूँ। मेरा मानना है कि हिन्दी साहित्य जो प्रकाशित होकर सामने आ रहा है, उसमें निरर्थक अंश बहुत है। पाठक हिन्दी साहित्य से इसी कारण दूर हो रहा है और प्रकाशन सीमित हो रहा है। आवश्यकता है कि सार्थक साहित्य को सामने लाया जाए। इस हेतु जो भी उत्कृष्ट रचनाएं पढ़ूँगा, उन्हें मैं अपने इस ब्लॉग के माध्यम से आपके सामने लाने का प्रयास करता रहूँगा। और अपनी स्वयं की रचनाओं को भी इसी मापदण्ड के तहत रखने का पूरा प्रयास करूँगा।शीघ्र ही, मैं अपनी नई पोस्ट लेकर आपके सामने उपस्थित होऊँगा।
सुरेश यादव

1 टिप्पणी:

बेनामी ने कहा…

Suresh Bhai,

Apke blog par apne purane mitron ki rachnayen padh kar bahut achha laga. Aur achha laga ki apne pahle hi ank main aapne itni saksham rachnayen de hain. Ummeed kart ahoon ki aage bhi aap saksham aur mahetvapooran lekhkon ko parkashit karke pathkon ko pathniya samagri pradaan karenge. Aap ko is sarahniya prayaas ke liye aapko badhai deta hoon. Ramesh Kapur, Rohini 9891252314