रविवार, 14 जून 2009

सूचना-2


"सार्थक सृजन" ब्लॉग पर हमारे अनेक मित्रों की प्रोत्साहन भरी टिप्पणियाँ प्राप्त हुई हैं। हम उन सभी मित्रों विशेषकर सुभाष नीरव, मुकुल प्रस्तोता बावरे फकीरा, पवन चन्दन, अविनाश वाचस्पति, अमरेन्द्र कुमार, घनश्याम दास, द्विज, प्रेमचन्द गांधी, श्याम सखा 'श्याम', अशोक गुप्ता, अशोक लव, धीरेश, अशोक वर्मा, अनिल मीत, ऊषा और हरकीरत हक़ीर आदि के आभारी हैं जिन्होंने न केवल "सार्थक सृजन" ब्लॉग की आमद का दिल से स्वागत किया बल्कि अपने निरन्तर सहयोग के प्रति आश्वस्त भी किया। हम प्रयास करेंगे कि उनके विश्वास को बनाए रखें। आपकी लम्बी प्रतीक्षा के लिए हम क्षमाप्रार्थी हैं और अब हाल ही में दिवंगत हुए हिन्दी के प्रतिष्ठित साहित्यकार स्वर्गीय विष्णु प्रभाकर जी के जन्म दिन दिनांक 21 जून 2009 को श्रद्धाजंलि स्वरूप 'सार्थक सृजन' का पहला अंक पोस्ट किया जा रहा है। 'सार्थक सृजन' की इस पहली पोस्ट में सुश्री अलका सिन्हा द्वारा लिया गया विष्णु प्रभाकर जी का एक मार्मिक साक्षात्कार, हिन्दी की मध्य कथापीढ़ी के एक सशक्त कथाकार श्री सुभाष नीरव की लघुकथाएं एवं कवयित्री सुश्री रंजना श्रीवास्तव की समकालीन संवेदना से जुड़ी कविताएं प्रस्तुत की जा रही हैं। आशा है, ‘सार्थक सृजन’ की इस पहली पहल को पाठक पसंद करेंगे और खुले दिल से अपने विचार प्रकट करेंगे।
-सुरेश यादव

1 टिप्पणी:

Hareram Sameep ने कहा…

Pahla hi ank saarthakta ka aaina rha... main is se turant judna chahoonga.. mere liye bataayen kaise saath ho paaun..

Hareram sameep