शुक्रवार, 31 जुलाई 2009

सार्थक सृजन – जुलाई 2009


सम्पादकीय
'सार्थक सृजन' के इस दूसरे अंक का प्रकाशन करते हुए यह सुखानुभूति हो रही है कि जिस उद्देश्य से इसका प्रकाशन प्रारंभ किया गया था, उसी भावना से भरकर रचनाकारों-पाठकों ने इसका भरपूर स्वागत किया। यह चाहे सार्थक टिप्पणियों के रूप में हमें मिला या फिर दूरभाष पर वार्तालाप के द्वारा, इसने हमारा उत्साहवर्धन किया। रचनाकारों ने रचनाएं भेजकर इसके पहले अंक में जो विश्वास व्यक्त किया, वह भी प्रशंसा के योग्य है। ‘सार्थक सृजन’ के पहले अंक को पढ़कर जिन सहृदयी रचनाकार-पाठकों ने अपनी सारगर्भित टिप्पणियाँ देकर हमारा साहस बढ़ाया, उनमें सर्व श्री राजेन्द्र गौतम, उमेश यादव, आर पी घायल, प्राण शर्मा(यू के), रूपसिंह चन्देल, रमेश कुमार सिंह, हरेप्रकाश उपाध्याय, रमेश कपूर, भगीरथ, राजकमल, अशोक कुमार पाण्डेय, हरेराम समीप, अशोक लव, के के यादव, आर के पालीवाल, अशोक आन्द्रे, बलराम अग्रवाल, कमल कुमार सिंह, लक्ष्मी शंकर वाजपेयी, अनिल मीत, सुरेन्द्र शज़र, अशफाक सिद्दकी एवं सुश्री देविंदर कौर, डा0 अंजना संधीर(अमेरिका), इला प्रसाद(अमेरिका), शशी पाधा, रंजना श्रीवास्तव, आकांक्षा यादव, छवि, अंजना बख़्सी, रेखा (लंदन) आदि प्रमुख हैं, इन्हें मेरा हार्दिक धन्यवाद।
‘सार्थक सृजन’ के इस दूसरे अंक में ख्यातिप्राप्त कवि-ग़ज़लकार डा. शेरजंग गर्ग की ग़ज़लें, प्रतिष्ठित नवगीतकार डा. राधेश्याम बन्धु के नवगीत तथा सशक्त कथाकार बलराम अग्रवाल की लघु कथाएं इस विश्वास के साथ प्रकाशित की जा रही हैं कि रचनाकारों एवं पाठकों को ये पसंद आएंगी और इन रचनाओं के बहाने सार्थक सृजन एक जीवंत संवाद स्थापित कर सकेगा। आपकी बेबाक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा रहेगी।
संपादक 'सार्थक सृजन'

16 टिप्‍पणियां:

Sushil Kumar ने कहा…

ब्लॉग पर आपका यह बड़ा रचनात्मक और सकारात्मक पहल है। मेरी बधाई लें। आभार।

बेनामी ने कहा…

Achcha ban pada hai.
Laghu kathayen bahut achchi hain.
Kabhi avasar mile to mera kahani sangrah avashya dekhiyega.
Naam hai "Ateet Ka Daman"
Akadamic Pratibha Dilli se prakashit hai.
Dhanyawad
Vishwajeet 'Sapan'
vishwajeetsapan@yahoo.com

बेनामी ने कहा…

Dhanyavad !
kavitayen aur laghukathayen achhi lagin.
ramesh kumar singh
9810518717

निर्मला कपिला ने कहा…

बहुत बडिया प्रयास है बधाई

बेनामी ने कहा…

धन्यवाद सुरेश जी
आप हिंदी कि सेवा कर रहे हैं
विश्व मोहन तिवारी
onevishwa@gmail.com

बेनामी ने कहा…

sureshji,

aapkee itnee sundar or saargarbhit patrka ke liye aap hardik badhaaee
ke haqdaar hain . alka kee vishnuprabhakarji se bhent varta ek or
hriday ko math detee hai vedna se to doosree or gagrji kee ghazal ke
teekhe tevar dikhte hain . neerav ji kee laghu kathaaon kee baat hee
kya hai. itna saleeqe se sajaya hai aapne . daad dene layaq hai .
mujhe kisee karaNvash pahala sanskaraN naheen mila ! badhaaiyan!!!!!!
saadar
rekha
rekha.maitra@gmail.com

बेनामी ने कहा…

suresh ji aadaab
yaad karne ka shukriya.
saarthka srijan par gaya. achha laga.
kripya aap apna postal address mail kar den.
Sjh
syedjawaidhasan8@yahoo.com

हिन्दीवाणी ने कहा…

आपकी यह कोशिश शानदार है।

हरकीरत ' हीर' ने कहा…

गजलें बहुत ही लाजवाब लगीं ....आपका प्रयास सफल रहा .....आगे भी इन्तजार रहेगा .....!!

Ashok Kumar pandey ने कहा…

इस बार कविताओं की कमी खल रही है।
वैसे ग़ज़लें और नव्गीत अच्छे हैं फिर भी…

बेनामी ने कहा…

प्रिय भाई सुरेश जी,
बहुत सुंदर काम है. इतनी सार्थक और प्रासंगिक सामग्री के चयन के लिए बधाई. कुछ कवितायें भेजने का मन हो आया है. जल्दी ही दे पाऊंगा.
परिवार को मेरी सुभ कामनाएं.
अशोक गुप्ता
ashok267@gmail.com

alka mishra ने कहा…

सुरेश जी
जय हिंद
आपका प्रयास बहुत अच्छा है मैंने पूरी पत्रिका पढी ,अच्छी लगी
मेरा नाम अलका सर्वत मिश्रा है ,आपने सरावत लिख कर क्यों बिगाडा ,नाम के अशुद्ध उच्चारण पर तो एक बार मैं कवि-सम्मलेन के मंच पर संचालक से लड़ बैठी थी

सुरेश यादव ने कहा…

अलका सर्वत मिश्रा जी,टंकण की समस्या और अंग्रेजी वर्तनी के मिजाज के फल स्वरुप आप का नाम गलत संबोधित हो गया.इस बात का मुझे दुःख है.मैंने आपके ब्लाग पर जाकर पुनः उसी टिप्पडी को सही नाम के साथ प्रेषित कर दिया है आप चाहें तो पहले वाली टिप्पडी हटा दें. मेरा ब्लाग सार्थक सृजन पढ़ने और टिप्पडी देने के लिए धन्यवाद.

Mumukshh Ki Rachanain ने कहा…

सार्थक प्रयास उत्तरोत्तर और भी सार्थक हो, यही अभिलाषा है.

बधाई.

गर्दूं-गाफिल ने कहा…

यादव जी
पत्रिका संछिप्त होने से पूरा पढना आसान रहा ,साथ ही रचनाओ का चयन भी श्रेष्ठ और सरस होने से एक बार में ही पढी जा सकीं ,
उलजुलूल के ज़माने में चुनिन्दा सार्थक सृजन से मुठभेड़ का अवसर देने के लिए धन्यवाद
राष्ट्रहित का संकल्प पत्रिका के लिए प्रथमिकता बनाने के लिए दोहरी बधाई

Dr. Sudha Om Dhingra ने कहा…

बहुत बढ़िया है -बधाई.